Punjab Tops India in Drug Smuggling Cases,

ड्रग तस्करी में पंजाब देश में नंबर-1, तीन साल में मामलों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी

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Punjab Tops India in Drug Smuggling Cases,

पंजाब के लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ड्रग तस्करी के मामलों में पंजाब देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में ड्रग तस्करी के मामलों में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में 47,475 किलोग्राम और 2024 में 46,227 किलोग्राम ड्रग्स जब्त किए गए थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 1.16 लाख किलोग्राम तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से लगी सीमा के जरिए ड्रोन का इस्तेमाल कर ड्रग्स की तस्करी की जा रही है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के मुताबिक ड्रोन के माध्यम से हो रही इस तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पाकिस्तानी तस्कर मुख्य रूप से सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाकर ड्रग्स की खेप भेजते हैं।

पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े जिले—अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का—ड्रग तस्करी के प्रमुख मार्ग बनते जा रहे हैं। इन इलाकों से न केवल ड्रग्स बल्कि AK-47 और AK-56 राइफलें, आरडीएक्स और नकली नोट भी बरामद किए जा रहे हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती माने जा रहे हैं।

इधर, स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना ने भी अपने ड्रोन युद्ध कौशल को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। वेस्टर्न कमांड के तहत हर रेजिमेंट में ड्रोन वॉरफेयर में विशेषज्ञता रखने वाली विशेष इकाइयां बनाई जाएंगी। इन इकाइयों को आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुसार विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके साथ ही सेना ने यह भी तय किया है कि ड्रोन के निर्माण के साथ-साथ उनमें उपयोग होने वाले हथियार और गोला-बारूद भी सेना की अपनी वर्कशॉप में तैयार किए जाएंगे। वेस्टर्न कमांड इस दिशा में एक मजबूत स्वदेशी ड्रोन इकोसिस्टम विकसित करने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है।